पिछली बार जब मैंने एक लेख लिख कर LIC के कुछ एजेंटों द्वारा की जा रही बदमाशी के बारे में चेताया था तो वादा किया था कि आपको बताऊंगा कि किस तरह से अपना बीमा एजेंट चुनें। आज आपको इसी के बारे में बताता हूं। किसी भी नये बीमा एजेंट के साथ कोई निवेश करने से पहले उसके बारे में निम्न बातों का पता लगायें :

1. क्या आप पड़ोस में रहते हैं? : यदि आपका एजेंट आपके क्षेत्र में ही कही रहता है तो आपको उस तक पहुंचने में आसानी होगी। एक बार उसके यहां जरूर हो कर आयें। आपको उसके बारे में सूचना प्राप्त करना आसान हो जायेगा। मगर उस ध्यान रखें कि आपको जरूरत होने पर ही प्लान लें, केवल पड़ोसी को खुश करने या पड़ोसी धर्म निभाने के लिये नहीं।

2. क्या वास्तव में आप यही काम करते हैं? : हैरान न हों। आप यह सवाल जरूर करें। अधिकतर बीमा एजेंट मुख्य रूप से कोई और काम करते हैं। यह उनका पार्ट टाईम जॉब ही होता है। थोड़ा सा अतिरिक्त पैसा कमाने के लिये। याद रखें, जिस काम से उसके घर की रोटी नहीं चलती वह उसे पूरे प्रोफेशनल तरीके से नहीं कर पायेगा। उतना समय भी नहीं दे पायेगा। फुलटाईम प्रोफेशनल एजेंट से ही हमेशा डील करें।

3. कितने साल का अनुभव है?: इस काम में लोग ज्यादा देर तक नहीं टिकते। एकदम नये एजेंट जो एक साल से भी कम समय से इस प्रोफेशन में आये हों से बचें। आप उनसे उनके ग्राहकों के बारे में जानें तथा यह भी पता लगायें कि उसने कितने नये ग्राहक पिछले एक साल में बनाये। यदि वह काफी लम्बी अवधी से लगातार अच्छा काम कर रहा है तो वह इस व्यवसाय में लम्बे समय तक टिकेगा। याद रखें कि बी्मा प्लान की अवधी हमेशा बहुत लम्बी होती है। आपका एजेंट लम्बी अवधी का खिलाड़ी होना चाहिये।

4. आपके पास अपना ऑफिस है? : यदि उसके पास अपना ऑफिस तथा संपर्क के लिये लैंडलाइन नंबर है तो यह बेहतर है। हो सके तो एक बार उसके ऑफिस भी हो आयें।

5. आप किस ब्रांच के लिये काम करते हैं? : हो सके तो उसकी ब्रांच में होकर आयें तथा उसके सेल्स ऑफिसर/ डेवलपमेंट ऑफिसर से मिल कर आयें। पता करें कि कोई समस्या आने पर शिकायत कहां की जा सकती है।

6. आपने यही प्लान मेरे लिये क्यों चुना?: यह जानना बहुत जरूरी है। इस सवाल के जवाब से आप को अंदाजा हो जायेगा कि एजेंट कितना प्रोफेशनल है। ध्यान दें कि वह बीमा आपकी जरूरत के हिसाब से आपको दे रहा है या अपना कमीशन बनाने के लिये। यदि एक एजेंट एक ही योजना बता कर कहता है कि यह बहुत अच्छा प्लान है ले लीजिये तो इससे बचें। वहीं यदि एजेंट पहले आपके परिवार के बारे में सारी जानकारी लेकर आपकी आयू, आपकी भविष्य की जरूरतों तथा जिम्मेदरियों के अनुसार ही कोई प्लान का सुझाव देता है तो यह ज्यादा प्रोफेशनल रवैया होगा।

7. आपको इसमें कितना कमीशन मिलेगा? : पूछने से हिचकायें नहीं। हो सकता है कि वह छिपा जाये। यह भी हो सकता है कि फट से जवाब दे दे। इससे आपको अंदाज हो जायेगा कि वह केवल अपनी कमाई के लिये ही तो कोई प्लान आपके मत्थे नहीं मढ़ रहा।

8. प्लान का ब्रोशर कहां हैं?: “जी आज ही खत्म हो गया।” हो सकता है आपको यही जवाब मिले। ब्रोशर पूरी तरह पढ़े और समझे बिना कभी कोई प्लान न लें। यदि एजेंट आपको ब्रोशर नहीं देता तो हो सकता है वह उसमें आपसे कुछ छिपा रहा है। कंपनी की साईट पर जा कर प्लान के बारे में जानकारी हासिल करें।

(आउटलूक मनी के एक लेख पर आधारित)


9 Responses to “कैसा हो आपका बीमा एजेंट”  

  1. 1 समीर लाल

    कंडिका २/४ अति सुंदर सुझाव हैं और अधिकतर लोग यही दो बिन्दु नहीं चेक करते. बहुत ज्ञानवर्धक लेख. बधाई!!

  2. 2 DR PRABHAT TANDON

    यह तो बिल्कुल कमाल हो गया ,आज सुबह ही इस समस्या से बडी मुशिकिल से टरका के निकला हूं, तकरीबन ४ महीने से एक ऐजेंट मुझे कोटक की बीमा पालिसी मे फ़साने की कोशिश कर रहा है , मार्च मे तो सी ऐ के ऊपर लादकर छुटकारा पा लिया , अब फ़िर वही राग इस वित्तीय वर्ष मे शुरु . अब जगदीश भाई , बताइये कि बिना संबध बिगाडे कैसे इन ऐजेटों से छुटकारा पाया जाय.

  3. 3 जगदीश भाटिया

    बताइये कि बिना संबध बिगाडे कैसे इन ऐजेटों से छुटकारा पाया जाय.

    आपको यदि उसकी बात नहीं जंच रही तो सीधे सीधे मना कर सकते हैं।
    यकीन मानिये वह संबंध नहीं बिगाड़ेगा।

  4. 4 Amit

    वाह-२ जगदीश जी, धन्य हो। ऐसे ही इस लाइन के ज्ञानवर्धक लेख छापते रहिए, मेरे जैसे नए युवकों का बहुत भला होगा जो अभी पैसे कमाना और संभालना सीख रहे हैं। :)

  5. 5 मैथिली

    जगदीश जी; बहुत काम की बातें बताईं हैं आपने.

  6. 6 India Counts

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  7. 7 नीरज शर्मा

    जगदीश जी, आपने बिल्‍कुल सही कहा है, ऐसे गरीब लोगों को भी एलआईसी एजेन्‍ट्स ने बेवकूफ बनाया है, जो निम्‍न आय वर्ग से आते हैं। साथ ही जिसे जिस प्रोडक्‍ट या पॉलिसी की जरूरत होती है वो भी नहीं देते हैं, मात्र इसलिये की उनके कमीशन में कमी हो जायेगी। जिसे टर्म प्‍लान की जरूरत होती है, उसे मनी बेक प्‍लान पकडा देते हैं, जो निश्चित आय चाहता है, उसे जोखिम वाली दैनिक आस्‍ती मूल्‍य वाली (एनएवी) योजना पकडा देते हैं। वैसे भी बीमा निवेश नहीं होकर जोखिम को कवर करता है, आम नागरिक इस बारीक अन्‍तर को नहीं समझ पाता है और उनके चक्‍कर में फंस जाता है।

  8. 8 arun

    भाई सही कहा इस बार दो ने मुझे चूना लगाने की कोशिश की वह तो मैने पालिसी वापस करदी

  1. 1 एक और चिट्ठाचोर की रपट « आईना

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